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*🟢👉दो साल से सड़क बनी तालाब, 95 मीटर के दलदल से ग्रामीण परेशान*......*🟢👉स्कूल, मंदिर और साप्ताहिक हाट-बाजार के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर ग्रामीण*


 नर्मदापुरम/सिवनीमालवा ।ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच ग्राम सतवासा में सड़क की बदहाल स्थिति प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रही है। गांव का मुख्य मार्ग पिछले दो वर्षों से जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण सड़क कम और तालाब अधिक नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही निर्माण एजेंसी ने सुधार कार्य कराया।ग्रामीणों के अनुसार सड़क के लगभग 95 मीटर हिस्से में स्थायी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। कई वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे लोगों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि इस जर्जर मार्ग के समीप ही गांव का स्कूल और मंदिर स्थित है। स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग एवं श्रद्धालु प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं। हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा प्रत्येक बुधवार को इसी स्थान पर साप्ताहिक हाट-बाजार लगता है, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बाजार के दिन सड़क पर आवागमन और अधिक कठिन एवं जोखिमपूर्ण हो जाता है।सड़क पर लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण जीवन दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं।ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया गया था। निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड में सड़क की गारंटी और रखरखाव का उल्लेख है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।समस्या को लेकर जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार के नेतृत्व में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अंकित गौर, मनीष दुबे, जितेंद्र गौर, दौआ गौर, शिवम गौर, नितेश यदुवंशी, विनय गौर एवं अभिनीत गौर सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार ने कहा कि पिछले दो वर्षों से ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। स्कूल, मंदिर और साप्ताहिक बाजार होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन इस मार्ग से होता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही सड़क सुधार एवं जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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