नर्मदापुरम। जिले के पुलिस कप्तान साई कृष्णा एस थोटा के दिशा निर्देशन में एवं एएसपी अभिषेक राजन के मार्गदर्शन में एसडीओपी जितेंद्र पाठक के कुशल नेतृत्व में कोतवाली टी आई कंचन सिंह ठाकुर और उनकी टीम ने साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए 3 साइबर ठगो को गिरफ्तार कर एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झारखंड के देवघर जिले से तीनों को गिरफ्तार किया है, जो एपीके फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल हैक कर उनके बैंक खातों से रकम पार कर देते थे। आरोपियों ने सदर बाजार के एक युवक से करीब 95 हजार रुपये की ठगी की थी।घटनाक्रम के अनुसार, 12 मार्च 2026 को फरियादी निजाम उल हक निवासी टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, नर्मदापुरम ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी को 28 जनवरी को उनके व्हाट्सएप नंबर पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा आरटी ओ चालान के नाम से एक एपीके फाइल भेजी गई थी। जैसे ही उन्होंने उस पर क्लिक किया,उनका मोबाइल हैक हो गया और सिम निष्क्रिय हो गई। नई सिम प्राप्त करने पर उन्हें पता चला कि उनके खाते से 95,000 रुपये गायब हो चुके हैं।
कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के बाद झारखंड के देवघर पहुंची।वहां घेराबंदी कर गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों अरुण मेहरा 48 वर्ष मुख्य सरगना, पवन मेहरा और ललन कुमार मेहरा 19 वर्ष सभी निवासी ग्राम धुंधवाजोरी, जिला देवघर, झारखंड को गिरफ्तार किया। बताया गया कि आरोपी सबसे पहले किसी परिचित व्यक्ति का व्हाट्सएप हैक करते थे, फिर उसके कॉन्टैक्ट्स को आरटीओ चालान या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज के नाम पर एपीके फाइल भेजते थे। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपी को मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल जाता था,जिससे वे बैंक ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे।इस कार्रवाई में कोतवाली टीआई कंचन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक जितेंद्र चौहान, सहायक उपनिरीक्षक रेवाराम गायकवाड़, और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
