नर्मदापुरम/सिवनीमालवा।क्षेत्र के राम जानकी एवं राधा-कृष्ण मंदिर ट्रस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता अंकित ताम्रबुकार ने प्रशासन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पिछले लगभग 5 माह से सिवनी मालवा क्षेत्र के दो मंदिर ट्रस्टों में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं, जिनकी खबरें स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।शिकायत में बताया गया कि राम जानकी एवं राधा-कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के पास लगभग 65-70 एकड़ कृषि भूमि, दुकानें एवं अन्य संपत्तियां हैं, जिनसे हर वर्ष लाखों रुपये की आय होती है। आरोप है कि इन संपत्तियों के प्रबंधन, किराया, नीलामी एवं लेनदेन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और करोड़ों रुपये के गोलमाल की आशंका है।इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया के सामने निर्मित लगभग 22 दुकानों के निर्माण में भी नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, इन दुकानों के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई तथा न ही उनकी विधिवत नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई, बल्कि आपसी मिलीभगत से आवंटन कर दिया गया।मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि टीएनसीपी से वर्ष 2005 में स्वीकृत एक आवासीय कॉलोनी के प्लॉटों का विक्रय निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। साथ ही कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित प्लॉट सक्षम व्यक्तियों को बेचे जाने की बात भी सामने आई है।
शिकायतकर्ता अंकित ताम्रबुकार का कहना है कि इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम, नगरपालिका सहित विभिन्न विभागों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते ट्रस्टों में अनियमितताएं लगातार जारी हैं।मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्यों की गहन जांच कराई जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।शिकायत के साथ पूर्व में दिए गए आवेदन एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को भी संलग्न किया गया है।
