Type Here to Get Search Results !

*🟢👉कृषि विज्ञान मेले में किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीक, जैविक व प्राकृतिक खेती की जानकारी*


 नर्मदापुरम/सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र गोविंद नगर,बनखेड़ी में  विधायक ठाकुर दास नागवंशी के मुख्यआतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में बनखेड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष हरीश मालानी, नवल रघुवंशी, सर्वज्ञ दीवान, भाऊ साहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोविंदनगर के उपाध्यक्ष उम्मेद सिंह पटेल, मकरन सिंह पटेल, सहसचिव केशव माहेश्वरी, सदस्य  भूपेन्द्र सिंह पटेल, विशेष आमंत्रित सदस्य  विवेक महेश्वरी,अनिल बारोलिया, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष  अनिल अग्रवाल, न्यास के प्रबंधक धर्मेन्द्र गुर्जर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) नीतिराज पटेल, उपसंचालक कृषि डॉ.रविकांत सिंह,उपपरियोजना संचालक “आत्मा” गोविंद मीना,कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग तथा कृषि एवं विभिन्न विभाग से पधारे अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्तिथ रहे। विभिन्न विकासखंडो से आए हुए किसान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए I उप संचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने  बताया कि इस कृषि विज्ञान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को नवीन कृषि नवाचारों से अवगत कराना है। जिले के किसानों तथा विभागीय अमले को गेहूं कटाई उपरांत नरवाई जलाने की समस्या पर विशेष ध्यान देकर कृषकों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करने के लिए कहाँ गया। उन्होंने कहाँ  कि मिट्टी एक सजीव है, इसमें कई जीव- जंतु निवासरत है, जिसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए नरवाई जलाने से सजीव मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते I उन्होंने फसल विविधीकरन पर हमें ध्यान देने के लिए कहाँ गया I  उन्होंने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर  जैविक एवं प्राकृतिक खेती का हब है जहाँ आकर सुकून मिलता है, उन्होंने किसानो से संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग करने की सलाह दी I उन्होंने किसानो से आग्रह किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपनी भूमि को एग्रीस्टैक आई.डी से जुडवाए जिससे ई टोकन से संतुलित उर्वरक एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।
पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने किसानो से नरवाई नहीं जलाने की अपील की। सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) नीतिराज पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी खेती आत्मनिर्भर खेती थी जो जमीन से जुड़ी हुई थी, उन्होंने वर्तमान में केंसर के बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की एवं इसे रोकने हेतु परिवार के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए आग्रह किया गया। नवल रघुवंशी ने किसानों को भूमि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे देश में चैत्र नवरात्र से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि की उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। श्री सर्वज्ञ दीवान ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैसी संस्था उपलब्ध है, जो पूर्णतः जैविक खेती पर कार्य कर रही है।तकनीकी सत्र के दौरान प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे ने ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन तकनीक पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को रसायनों का सीमित उपयोग करने तथा एक ही प्रकार के कीटनाशक का बार-बार प्रयोग न करने की सलाह दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पटैल द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की वैकल्पिक फसल उड़द एवं प्राकृतिक खेती आधारित फसलों की जानकारी किसान बंधुओं को दी गई, डॉ. बृजेश कुमार नामदेव ने जैविक पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी दी, डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जी उत्पादन तकनीक के बारे में बताया।कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रगतिशील कृषक भूपेन्द्र पटेल ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए।  कृषि विज्ञान मेले में 30 से अधिक कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि एवं संबंधित विभागों तथा कृषि से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कृषि आदान, उत्पाद तथा उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। ।कार्यक्रम के अंत में “आत्मा” योजना अंतर्गत सर्वोत्तम जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय  प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित आर्या परियोजना के अंतर्गत हितग्राही किसानों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अतिथियों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन गोविन्द मीना, डॉ. संजीव कुमार गर्ग एवं डॉ. बृजेश कुमार नामदेव द्वारा कराया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम, एटीएम सहित जिले के 1600 से अधिक किसान उपस्थित रहे। अंत में उप परियोजना संचालक “आत्मा” गोविंद मीना द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.