नर्मदापुरम ।शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा का रास्ता नहीं रोक सकतीं, इस बात को सच कर दिखाया है हमारे नगर के एक प्रतिभावान बालक ने। दिव्यांगता की चुनौतियों को मात देते हुए इस बालक ने अपनी मेहनत के दम पर न केवल प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई, बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से सम्मान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।इस सुनहरे सफर की शुरुआत तब हुई जब 'मोबाइल स्रोत सलाहकार' पूर्णिमा त्रिपाठी और स्थानीय आंगनबाड़ी के समन्वय से इस बालक की विशेष प्रतिभा और स्थिति की पहचान की गई। बालक की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे शासकीय प्राथमिक शाला में प्रवेश दिलाया गया।उसे मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए,दिव्यांगता प्रमाण पत्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए गए।विशेष प्रशिक्षण जनपद शिक्षा केंद्र में 'टीएलएम' के माध्यम से उसे कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया।उच्च स्तरीय शिक्षा पूर्णिमा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में बालक को भोपाल स्थित शासकीय छात्रावास (विशेष बच्चों हेतु) में प्रवेश दिलाया गया, ताकि उसे बेहतर माहौल मिल सके।छात्रावास में रहते हुए बालक ने हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में उसकी असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उसे शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।यह सफलता उन सभी के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों में हार मान लेते हैं। उचित मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।
*🟣👉मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया सिवनी मालवा के प्रतिभावान बालक को*
February 16, 2026
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