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*🟢👉बजरी का अवैध उत्खनन करने पर ठेकेदार के विरुद्ध केस दर्ज कर लगाया जुर्माना*.......*🟢👉खनिज अधिकारी, तहसीलदार ने किया था मौका मुआयना*

नर्मदापुरम। कोरी घाट से सर्किट हाउस घाट तक पिचिंग निर्माण का कार्य विगत दो सालों से किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा पिचिंग की फिलिंग भरने और रोड बनाने के लिए नर्मदा किनारे कंकर घाट से ही बजरी खोदी गई और इसका इस्तेमाल किया गया। वहीं मुरम, पत्थर भी निकाले गए। इसको लेकर शिकायतें हुई और फिर खनिज अधिकारी तहसीलदार सहित अन्य लोगों ने भी मौका मुआयना कर देखा कि निर्माण में अवैध उत्खनन कर बजरी का इस्तेमाल हुआ है। इसको लेकर अब खनिज विभाग ने केस दर्ज कर जुर्माना लगाया है। बताया जाता है कि जुर्माने का प्रस्ताव भी एडीएम को पहुंचाया गया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। 2 साल से यह निर्माण चल रहा है। मुरम निकालने में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और घाट को भी नुकसान हुआ है। है। ठेकेदार एससी नागपाल कंस्ट्रक्शन ने इसकी कोई अनुमति नहीं ली थी। इस खुदाई से काफी विवाद हुआ था। भाजपा के कुछ नेताओं ने भी इस मामले को उठाया था। वहीं अधिकारियों ने मौके से पंचनामा बनाया जाता। इन्होंने माना था कि उत्खनन हुआ है। अब इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। बड़ी मात्रा में यहां बजरी निकाली गई। नियमों को अनदेखा किया गया।कंकर घाट पर बाढ़ से किनारे के कटाव को रोकने के लिए पिधिग का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा लापरवाही के चलते पोकलेन मशीन से पत्थर, मुरम और बजरी के उत्खनन का कार्य नर्मदा किनारे किया जा रहा था। इससे किनारा छलनी हो गया। ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है उत्खनन से गड्ढे हो गए हैं और किनारा छलनी कर दिया गया है। ठेकेदार एस सी नागपाल की कंपनी द्वारा चिचिंग का काम किया जा रहा है। उसमें जो मुरम पत्थर ठेकेदार को लाना चाहिए वह वहीं से खोद कर काम में ले रहे हैं।पिचिंग निर्माण कर रहे ठेकेदार द्वारा यहां पर अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है जिससे किनारा छलनी हो गया है और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। शासन द्वारा नियम है कि नदियों के किनारे उत्खनन नहीं किया जाएगा लेकिन उत्खनन हुआ था।गौरतलब है कि कोरी घाट से परमहंस घाट तक पिचिंग खराब हो गई थी और नई पिचिंग का निर्माण किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग 6 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसे बनवा रहा है। जल स्तर को रोकने के लिए पिचिंग आवश्यक हो जाती है। इस मामले में शिकायत की बात कहीं जा रही है। लोगों का कहना है कि पिचिंग निर्माण करने वाले ठेकेदार ने नर्मदा के किनारे से कंकड़, पत्थर, बजरी उठाकर इसका उपयोग किया जा रहा है। इस अवैध उत्खनन से पूरा घाट खोखला हो गया है। लोगों का कहना है कि उत्खनन से गड्ढे हो गए हैं।कंपनी द्वारा पोकलेन मशीन से खुदाई करने से गड्ढे हो गए हैं जिससे किनारे को नुकसान होगा।

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