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*🔴👉जिले में अमरबेल की तरह फैला सट्टे का मायाजाल* ..... *🔴👉खाईबाजों के गिरेबान पर आंच तक नहीं, दिहाड़ी पर सट्टा लिखने वालों पर होती है पुलिस करवाई*


नर्मदात्पुरम। इन दिनों  जिले भर में सट्टे का अवैध कारोबार अपनी जड़ें गहरी कर चुका है। नगर सहित समीपवर्ती इलाकों से लेकर प्रमुख बाजारों तक, टेबल- कुर्सी लगाकर सट्टा लिखा जा रहा है। जिले के पुलिस कप्तान साई कृष्णा थोटा के दिशा निर्देशन में जहां पुलिस  जिले भर में मादक पदार्थों ओर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। वहीं सट्टा जैसे सामाजिक कृत्य वाले अपराध को रोकने में पुलिस असफल नजर आ रही है।सूत्रों का कहना है कि पुलिस सटोरियों पर मात्र दिखावे की कारवाई करती है। दिहाड़ी पर  सट्टा लिखने वाले युवकों को गिरफ्तार कर केस तो बनाती है। लेकिन सफेदपोश सट्टा खाईवाल के गिरेबान में हाथ डालने से कतराती है। गौरतलब रहे कि जिले में कुछ वर्षों पूर्व पदस्थ रही तत्कालीन एस पी रुचिवर्धन मिश्र ने सटोरिए ओर जुआरियों पर ऐसी कारवाई की थी कि जिले से सट्टा खाईवाल गायब हो गए थे या भूमिगत हो गए थे। लेकिन उनके ट्रांसफर होने के बाद जिले में जितने भी पुलिस कप्तान आए वे इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाए।जिसके चलते छुटपुट ख़ाइबाजी करने वाले सटोरिए आज मजबूत हो गए। ज्ञात हो कि पूर्व में पदस्थ रहे जिले के ही एक पुलिस अधिकारी ने यह भी फरमान जारी किया था कि जिस थाना प्रभारी  बीट प्रभारी के कार्यक्षेत्र में अवैध गतिविधिया चलती पाई गई तो संबंधित बीट प्रभारी ओर थाना प्रभारी पर करवाई की जाएगी। लेकिन साहब के जिले से जाते ही उनका ये फरमान भी हवा की तरह गायब हो गया।आज जिले में सट्टा कारोबार को लेकर स्थिति यह है कि बीट प्रभारियों के क्षेत्र में ही टेबल कुर्सी लगाकर सट्टा कारोबार किया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में जिले भर में सट्टा कारोबार फल फुल रहा..?
गौरतलब रहे कि जिले के पिपरिया, सोहागपुर, शोभापुर, माखननगर, डोलरिया, सिवनीमालवा, इटारसी, पथरौटा, नर्मदापुरम मुख्यालय में पर अनेक स्थानों पुरानी सब्जी मंडी, रवि शंकर मार्केट के पास,लेडिया बाजार,पटवा लाइन,रेलवे ब्रिज के नीचे, कालिका नगर, ग्वाल टोली, रसुलिया और मालाखेड़ी , पवार खेड़ा, कोठी बाजार, इंद्रा चौक, आई टी आई,जैसे क्षेत्रों में सट्टा लिखने वाले एजेंट सक्रिय है।जो कि ख़ाइबाज़ो के इशारों पर दिहाड़ी मजदूरी से सट्टा पर्ची लिख रहे। आपको बता दे कि सट्टा कारोबार जहां पर्ची पर चल रहा है वहीं मोबाइल फोन पर भी खाईवाल सीधे इस कारोबार को कर रहे हैं।
*🔴👉पुलिस की कार्रवाई, संदेहास्पद*
इधर यह भी देखा गया कि पुलिस की डीएसआर के अनुसार जिले के अनेक थानों में विगत एक माह के दौरान दर्जनों सट्टे के प्रकरण एजेंट ओर दिहाड़ी पर सट्टा लिखने वालों पर बनाए गए, लेकिन सट्टा कारोबार संचालित करने वाले मुख्य सरगनाओं यानि कि ख़ाइबाज़ो के गिरेबान तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे। जबकि संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी ओर बीट प्रभारी को यह मालूम होता हैं कि फला- फला क्षेत्र में किस खाईबाज का सट्टा चल रहा है। सूत्र तो यह भी बताते है कि पुलिस के कुछ कर्मी सीधे ख़ाइबाजो को फोन पर सूचित तक करते हैं कि आज सट्टे का प्रकरण बनाना है आपके दो या तीन व्यक्ति भेज दो यह कहा तक सत्य है यह तो पुलिस ही बता सकती हैं। गौर करने वाली बात है कि जिले में बेखौफ सट्टा कारोबार चल रहा है और ख़ाईबाजों  के गिरेबान तक पुलिस का हाथ नहीं पहुंचना पुलिस की नाकामी को सिद्ध करता है। दिहाड़ी मजदूरी पर सट्टा लिखने वालों को तो पुलिस पकड़ती है,उनसे छोटी छोटी जब्ती कर समाचार पत्र में सुर्खियां भी बटोरती है,तो फिर सट्टा कारोबार में लिप्त मुख्य सरगनाओं खाईबाजों पर कारवाई क्यों नहीं करती यह जांच का विषय हो सकता है,क्या सट्टा लिखने वाले एजेंट और दिहाड़ी मजदूर पुलिस को ये नहीं बताते है कि वह किस खाईबाज के लिए सट्टा लिख रहा है। जिले के ऊर्जावान पुलिस कप्तान को इस ओर ध्यानाकर्षण करना चाहिए और सट्टा कारोबार पर  अभियान चलाकर कारवाई करना चाहिए।

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