नर्मदापुरम/सिवनीमालवा। प्रांतीय पटवारी संघ, तहसील सिवनी मालवा द्वारा जायद गिरदावरी 2026 (मूंग फसल) के संपादन में उत्पन्न तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण हेतु एक ज्ञापन सौंपा गया। तहसील अध्यक्ष दीपेश सराठे और तहसील सचिव पवन ताम्रकार के नेतृत्व में पटवारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन तहसीलदार नितिन कुमार झोड़ को सौंपा।ज्ञापन में संघ ने शासन के 21 मई 2026 के पत्र के संदर्भ में अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। पटवारी संघ की प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं।संघ ने मांग की है कि वर्तमान गिरदावरी कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए पूर्व से पंजीकृत एवं अनुभवी सर्वेयरों की आईडी तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल की जाए। संघ ने तर्क दिया है कि प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत खेतों में मूंग की कटाई पूरी हो चुकी है, जिससे फसल विहीन खेतों में जियो-टैगिंग का कोई औचित्य नहीं है। अतः इस अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए। पूर्व सर्वेयरों की आईडी बंद होने से पटवारियों पर सीमांकन, जनगणना, फसल कटाई, गेहूं उपार्जन, फार्मर रजिस्ट्री और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे तय समय में शत-प्रतिशत खेतों की गिरदावरी करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन समस्याओं का त्वरित निराकरण नहीं किया गया और भविष्य में तकनीकी विसंगति के कारण किसी भी पटवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, तो प्रांतीय पटवारी संघ संपूर्ण मध्य प्रदेश में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
