नर्मदापुरम / रसूलिया के पॉश इलाके मारुति नगर में दबंगई और नियमों को ताक पर रखने का एक गंभीर मामला सामने आया है।यहाँ एक कर्मचारी द्वारा सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते के बीचों-बीच अवैध बोरिंग कराई जा रही है, जिससे मोहल्ले वासियों का जीना मुहाल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका और प्रशासन को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।मारुति नगर निवासी श्रीमती प्रीति खरे ने बताया कि उनके घर के ठीक सामने, हुंडई शोरूम के पास,एक शासकीय कर्मचारी के पुत्र द्वारा सड़क के बीचों-बीच बोरिंग मशीन उतार दी गई है। यह स्थान पूरी तरह शासकीय है और आवाजाही का मुख्य मार्ग है।बोरिंग के कारण वाहनों का निकलना बंद हो गया है।सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को जान जोखिम में डालकर मलबे और मशीनों के बीच से गुजरना पड़ रहा है। सड़क के नीचे से नगर पालिका की मुख्य पेयजल पाइपलाइन गुजरी है, जिसे इस अवैध खुदाई से भारी क्षति पहुँचने की आशंका है।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस बोरिंग के लिए न तो नगर पालिका से अनुमति ली गई है और न ही एसडीएम कार्यालय से कोई एनओसी प्राप्त की गई है। जब इसका विरोध किया गया, तो शिकायतकर्ता को रसूख का डर दिखाया जा रहा है। प्रीति खरे का कहना है कि सामने वाला अपनी नौकरी और अपने भाई के नाम का रौब झाड़ रहे हैं। उनका साफ कहना है कि "शिकायत कहीं भी कर दो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तहसीलदार, एसडीएम और यहाँ तक कि कलेक्टर को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की माँग की गई है। लेकिन धरातल पर काम का रुकना तो दूर, जाँच तक शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस "मौन सहमति" को लेकर गहरा आक्रोश है।
*🟣👉रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक, बीच सड़क पर अवैध बोरिंग से जनता त्रस्त*
January 09, 2026
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