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*🟣👉साइबर ठगी के आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार, ₹8.50 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा* ......*🟣👉पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई*

नर्मदापुरम। जिले के पुलिस कप्तान साई कृष्णा एस थोटा के दिशा निर्देशन में एवं एएसपी अभिषेक राजन के मार्गदर्शन में एसडीओपी के कुशल यादव में टी आई गिरीश त्रिपाठी और उनकी टीम ने  साइबर फ्रॉड मामले में  ₹8.50 लाख की ऑनलाइन ठगी के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। बताया गया कि तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी को उड़ीसा के राउरकेला से गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस द्वारा आंशिक राशि फरियादी को वापस भी कराई गई है।पुलिस के अनुसार 22 सितंबर 2025 को फरियादी हरीश माहेश्वरी, पिता कैलाश माहेश्वरी, उम्र 46 वर्ष, निवासी सेमरीहरचंद, ने थाना सोहागपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि धान विक्रय से संबंधित उपभोक्ता फोरम में दर्ज शिकायत के नाम पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए एक लिंक भेजा गया। फरियादी द्वारा लिंक पर जानकारी दर्ज करने के बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से ₹8,50, 000 की राशि निकाल ली।शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 542/25 के तहत धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों का विश्लेषण किया,जिसमें पता चला कि फरियादी के खाते से निकाली गई ₹8.50 लाख की राशि संदिग्ध नेहा सिंह के बैंक खाते क्रमांक 7500101100 14889 में स्थानांतरित हुई थी। इस राशि में से ₹4.50 लाख पुलिस ने फरियादी के खाते में वापस कराने में सफलता प्राप्त की।जांच में सामने आया कि शेष ₹3.50 लाख आरोपी कन्हा, पिता श्रीकांत नाग, उम्र 26 वर्ष, निवासी ए-92, सेक्टर-15, राउर केला, उड़ीसा के बंधन बैंक शाखा राउरकेला स्थित खाते क्रमांक 2020011444045 07 में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी ने यह राशि एटीएम के माध्यम से निकाल ली थी।पुलिस ने आरोपी कन्हा पुत्र श्रीकांत नाग को 30 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक विवेक यादव, शहादत अली, सहायक उप निरीक्षक गणेश राय, आरक्षक अभिलाष भिलाला, आरक्षक प्रकाश, आरक्षक नंदकिशोर रजक एवं आरक्षक अजमेर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर साइबर अपराध का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

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